उद्धव ठाकरे ने अमित शाह और देवेंद्र फडणवीस को घेरा, बोले- महाराष्ट्र में होगा ‘रिजीम चेंज’; टाइगर श्रॉफ फायरिंग पर भी उठाए सवाल

उद्धव ठाकरे ने अमित शाह और देवेंद्र फडणवीस को घेरा, बोले- महाराष्ट्र में होगा ‘रिजीम चेंज’; टाइगर श्रॉफ फायरिंग पर भी उठाए सवाल

Uddhav Thackeray News: महाराष्ट्र में दशहरा रैली के दौरान शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने केंद्र और राज्य की बीजेपी नेतृत्व वाली सरकार पर तीखा हमला बोला। मुंबई के शिवाजी पार्क में आयोजित रैली में उन्होंने ‘रिजीम चेंज’ यानी सत्ता परिवर्तन की बात कही और गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तथा उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर निशाना साधा। ठाकरे ने अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग का मुद्दा उठाकर महाराष्ट्र की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए।

उद्धव ठाकरे ने क्यों की ‘रिजीम चेंज’ की बात?

20 अक्टूबर को हुई दशहरा रैली में उद्धव ठाकरे ने कहा कि देश में सरकार के कामकाज से नाराजगी बढ़ रही है और लोग बदलाव चाहते हैं। उन्होंने ‘रिजीम चेंज’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार पर निशाना साधा।

ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के कामकाज, विपक्ष के साथ व्यवहार और लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर लोगों में असंतोष है। उनका कहना था कि महाराष्ट्र भी सत्ता परिवर्तन की इस राजनीतिक लड़ाई में अपनी भूमिका निभाएगा।

‘रिजीम चेंज’ शब्द को लेकर राजनीतिक विवाद भी हुआ। बीजेपी नेताओं ने इस तरह की मांग पर सवाल उठाते हुए कहा कि भारत में सत्ता परिवर्तन का रास्ता संविधान और चुनावों से होकर गुजरता है।

टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले पर फडणवीस सरकार को घेरा

उद्धव ठाकरे ने मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने सवाल किया कि अगर मुंबई में एक चर्चित अभिनेता की गाड़ी पर गोलीबारी हो सकती है, तो आम नागरिकों की सुरक्षा की स्थिति क्या होगी?

ठाकरे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने यह भी पूछा कि हमलावर हथियार लेकर शहर में कैसे पहुंचे और पुलिस को इसकी जानकारी क्यों नहीं मिली।

रैली में ठाकरे ने फडणवीस को चुनौती देते हुए कहा कि अगर सरकार अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर गंभीर है, तो उसे गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को गुजरात की साबरमती जेल से महाराष्ट्र लाकर जांच कराने की हिम्मत दिखानी चाहिए। यह ठाकरे की राजनीतिक चुनौती थी; इसे किसी सरकारी कार्रवाई या जांच के आधिकारिक आदेश के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

अमित शाह पर भी साधा निशाना

उद्धव ठाकरे ने गृह मंत्री अमित शाह को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने महाराष्ट्र की पहचान और मराठी अस्मिता के मुद्दे पर बीजेपी तथा एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को घेरा।

ठाकरे ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र की भाषा, संस्कृति और पहचान से जुड़े मुद्दों पर राज्य सरकार पर्याप्त मजबूती से आवाज नहीं उठा रही है। उन्होंने अमित शाह के महाराष्ट्र को बहुभाषी राज्य बताने संबंधी बयान का जिक्र करते हुए मराठी लोगों के अधिकारों का मुद्दा उठाया।

शिवसेना (UBT) प्रमुख ने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के आरोप भी उठाए। उन्होंने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल करते हुए कहा कि मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों की जांच होनी चाहिए। ये उनके राजनीतिक आरोप हैं; मतदाता सूची से जुड़े दावों की पुष्टि के लिए आधिकारिक आंकड़ों और चुनाव आयोग के जवाब को देखना जरूरी है।

एकनाथ शिंदे ने दशहरा रैली में क्या कहा?

दूसरी ओर, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मुंबई के गोरेगांव स्थित नेस्को सेंटर में अपनी दशहरा रैली की। उन्होंने उद्धव ठाकरे के ‘रिजीम चेंज’ वाले बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि सत्ता में किसे रहना है, इसका फैसला जनता करती है।

शिंदे ने किसानों की मदद और अपनी सरकार के कामों का जिक्र किया। उन्होंने सूखे की स्थिति में किसानों को राहत देने और दिवाली के लिए सहायता सामग्री भेजने की बात कही। इसके साथ ही उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए 2019 के बाद महाराष्ट्र में बनी राजनीतिक परिस्थितियों को जनादेश के साथ धोखा बताया।

शिंदे ने कांग्रेस, राहुल गांधी और विपक्षी गठबंधन INDIA पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार का फैसला चुनावों के जरिए होता है और विपक्ष को जनता के फैसले का सम्मान करना चाहिए।

महाराष्ट्र में कानून-व्यवस्था और राजनीति पर बहस तेज

टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के बाद महाराष्ट्र की कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस तेज हुई है। पुलिस ने घटना के सिलसिले में मामला दर्ज किया था और आरोपियों की तलाश शुरू की थी। सोशल मीडिया पर एक गैंग की ओर से जिम्मेदारी लेने का दावा भी सामने आया, लेकिन ऐसे दावों और आरोपियों के संबंधों की पुष्टि जांच एजेंसियों की जांच से ही हो सकती है।

उद्धव ठाकरे ने इस घटना को राज्य में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाने के लिए इस्तेमाल किया, जबकि सत्तारूढ़ पक्ष का कहना है कि कानून के तहत कार्रवाई की जा रही है। आने वाले दिनों में पुलिस जांच और सरकार के जवाब से मामले के कई पहलू स्पष्ट हो सकते हैं।

निष्कर्ष

दशहरा रैली में उद्धव ठाकरे ने ‘रिजीम चेंज’ की बात कहकर बीजेपी और महाराष्ट्र सरकार पर राजनीतिक दबाव बढ़ाने की कोशिश की। उन्होंने अमित शाह और देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधने के साथ टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले को कानून-व्यवस्था से जोड़कर सवाल उठाए। वहीं, एकनाथ शिंदे ने अपने भाषण में सरकार के काम गिनाए और विपक्ष पर पलटवार किया। अब इस राजनीतिक टकराव का असर महाराष्ट्र की आगे की राजनीति में किस तरह दिखता है, इस पर नजर रहेगी।

नोट: इस लेख में राजनीतिक नेताओं के आरोप और बयान उनके सार्वजनिक वक्तव्यों के आधार पर दिए गए हैं। इन्हें स्वतंत्र रूप से प्रमाणित निष्कर्ष न माना जाए।