“वोट चोरी” और चुनाव आयोग के खिलाफ एकजुट हुआ INDIA गठबंधन, राहुल गांधी बोले – ‘यह लोकतंत्र बचाने की आखिरी लड़ाई’

नई दिल्ली: देश की चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए ‘INDIA’ (इंडिया) गठबंधन के प्रमुख नेताओं ने एक साझा और विस्फोटक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। गठबंधन के नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की और आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं और जनता के मतदान के अधिकारों को कुचला जा रहा है।

इस संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (RJD), तृणमूल कांग्रेस (TMC), शिवसेना (UBT), सीपीआई (CPI), सीपीआई-एम (CPI-M), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP-SP), और समाजवादी पार्टी (SP) समेत अन्य घटक दलों के वरिष्ठ नेता और नागरिक समाज (Civil Society) के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

‘संविधान और लोकतंत्र को बचाने तक जारी रहेगा आंदोलन’ — राहुल गांधी

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने विपक्षी एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि यह कोई अलग-अलग प्रदर्शन नहीं है, बल्कि देश में “लोकतंत्र की पुनर्स्थापना” के लिए एक साझा और अटूट मिशन है।

  • मुख्य बातें:

    • जंतर-मंतर का मुद्दा: सरकार द्वारा जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शनों को रोके जाने और स्थल को डी-नोटिफाई किए जाने पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने कहा कि असहमति जताने और आवाज उठाने के लोकतांत्रिक स्थान को छीना जा रहा है, लेकिन जनता को चुप नहीं कराया जा सकता [[18:59]]।

    • दिल्ली की जनता का आभार: उन्होंने हालिया प्रदर्शनों में शामिल हुए आम और गैर-राजनीतिक नागरिकों का धन्यवाद किया [[20:20]]।

    • ‘रुकेगा नहीं विपक्ष’: विपक्षी रणनीति पर बात करते हुए राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि विपक्ष पीछे हटने वाला नहीं है। यह लड़ाई अंजाम तक जाएगी और संविधान से खिलवाड़ करने वालों पर कार्रवाई होकर रहेगी [[22:17]]।

    • न्यायपालिका पर दृष्टिकोण: उन्होंने सुप्रीम कोर्ट और न्यायपालिका के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि राजनीतिक और जन-प्रतिरोध लगातार जारी रहेगा [[23:19]]।

प्रमुख नेताओं के कड़े बयान

  1. तेजस्वी यादव (RJD): तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्थाओं को केंद्र सरकार के इशारे पर पंगु बनाया जा रहा है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्षी विरोध प्रदर्शनों से डरी हुई सरकार ने जंतर-मंतर जैसे ऐतिहासिक स्थल से प्रदर्शन हटाने की कोशिश की है [[03:05]]।

  2. डी. राजा (CPI): डी. राजा ने जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल सूची से हटाने के फैसले की कड़ी निंदा की और कहा कि डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर द्वारा दिए गए संवैधानिक अधिकारों के तहत नागरिकों को असहमति और विरोध व्यक्त करने की पूर्ण स्वतंत्रता होनी चाहिए [[05:32]]।

  3. सागरिका घोष (TMC): तृणमूल कांग्रेस की नेता ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे और चुनाव आयोग के उन अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक जांच (Criminal Proceedings) शुरू करने की मांग की, जो हालिया चुनावों और मतदाता सूची संशोधन (SIR) प्रक्रिया से जुड़े रहे हैं [[11:39]]।

  4. सुप्रिया सुले (NCP-SP) और संजय राउत (Shiv Sena – UBT): सुप्रिया सुले ने कहा कि संविधान और “एक व्यक्ति, एक वोट” के सिद्धांत पर हो रहे हमले के खिलाफ लड़ाई गली से लेकर संसद तक जारी रहेगी [[07:20]]। वहीं, संजय राउत ने कहा कि सत्ता में बैठे लोग अब विपक्ष और जनता की एकजुटता से घबरा रहे हैं [[14:06]]।

  5. प्रशांत भूषण (नागरिक समाज): वरिष्ठ वकील और सामाजिक कार्यकर्ता प्रशांत भूषण ने कहा कि चुनाव आयोग के खिलाफ जारी यह आंदोलन अब केवल राजनीतिक दलों तक सीमित नहीं है; इसमें जल्द ही किसान संगठन, ट्रेड यूनियंस और छात्र संगठन भी पूरी ताकत से शामिल होंगे [[09:50]]।

आगे का रास्ता

INDIA गठबंधन के नेताओं ने देश की जनता का आह्वान करते हुए कहा कि मतदाता सूची में गड़बड़ी और संस्थागत निष्पक्षता में कमी के खिलाफ यह लड़ाई अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है। गठबंधन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जब तक चुनाव आयोग में पारदर्शिता बहाल नहीं होती और जवाबदेही तय नहीं की जाती, तब तक उनका देशव्यापी आंदोलन जारी रहेगा।