
Jio Platforms IPO: खुलते ही मचा धमाल, 35 मिनट में पूरा सब्सक्राइब हुआ ₹30,213 करोड़ का इश्यू; Hyundai और Bajaj को पीछे छोड़ा
Jio Platforms IPO: मुकेश अंबानी की कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ ने शेयर बाजार में शानदार शुरुआत की। ₹30,213 करोड़ का यह इश्यू 21 अक्टूबर 2026 को खुलने के करीब 35 मिनट के भीतर पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया। शुरुआती मांग के मामले में इसने Hyundai Motor India, Bajaj Housing Finance और LG Electronics India जैसे बड़े आईपीओ को पीछे छोड़ दिया। हालांकि, शुरुआती सब्सक्रिप्शन निवेश पर मुनाफे की गारंटी नहीं देता।
जियो प्लेटफॉर्म्स IPO ने बनाया रिकॉर्ड
जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ भारतीय शेयर बाजार के सबसे बड़े सार्वजनिक इश्यू में शामिल है। शुरुआती कारोबारी आंकड़ों के मुताबिक, सुबह 10:45 बजे तक निवेशकों ने 19.75 करोड़ शेयरों के मुकाबले करीब 22.71 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां लगाई थीं। इस समय तक इश्यू कुल मिलाकर लगभग 1.15 गुना सब्सक्राइब हो चुका था।
इस आईपीओ का कुल आकार ₹30,213 करोड़ है। इसके साथ जियो प्लेटफॉर्म्स ने इश्यू के आकार के लिहाज से Hyundai Motor India के ₹27,870 करोड़ के आईपीओ को भी पीछे छोड़ दिया है।
QIB निवेशकों ने दिखाई सबसे ज्यादा दिलचस्पी
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में शुरुआती मांग का बड़ा हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) की ओर से आया। सुबह 10:45 बजे तक इस श्रेणी के लिए आरक्षित शेयरों के मुकाबले 3.68 गुना बोलियां मिल चुकी थीं।
दूसरी ओर, नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों (NII) की श्रेणी में सब्सक्रिप्शन लगभग 29 प्रतिशत और रिटेल निवेशकों की श्रेणी में करीब 26 प्रतिशत था। इन आंकड़ों से साफ था कि शुरुआती चरण में संस्थागत निवेशकों की भागीदारी सबसे मजबूत रही।
Hyundai, Bajaj Housing Finance और LG Electronics से तुलना
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ की रफ्तार को समझने के लिए पिछले बड़े आईपीओ से इसकी तुलना की जा रही है।
- Bajaj Housing Finance: कंपनी का आईपीओ खुलने वाले दिन दोपहर करीब 2 बजे तक पूरी तरह सब्सक्राइब हुआ था।
- LG Electronics India: इसका ₹11,605 करोड़ से अधिक का आईपीओ खुलने के पहले दिन के अंत तक पूरी तरह सब्सक्राइब हुआ था।
- Hyundai Motor India: अक्टूबर 2024 में आए ₹27,870 करोड़ के आईपीओ को पहले दिन के अंत तक लगभग 18 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन मिला था।
- Jio Platforms: शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, यह इश्यू खुलने के करीब 35 मिनट में ही पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया। <Cite refs={[“turn414589news14″,”turn414589search11”]}/>
इस तुलना से जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को मिली शुरुआती मांग का अंदाजा लगाया जा सकता है। हालांकि, अलग-अलग आईपीओ के आकार, शेयरों के आवंटन और बाजार परिस्थितियों में अंतर होने के कारण इनकी तुलना सावधानी से करनी चाहिए।
जियो प्लेटफॉर्म्स IPO की अहम बातें
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ का प्राइस बैंड ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर रखा गया है। निवेशक एक लॉट में 12 शेयरों के लिए आवेदन कर सकते हैं। इस हिसाब से ऊपरी प्राइस बैंड पर न्यूनतम आवेदन राशि ₹13,428 होती है।
यह इश्यू पूरी तरह नए शेयर जारी करने के रूप में पेश किया गया है। यानी इसमें ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी बेचने का हिस्सा नहीं है। रिपोर्टों के मुताबिक, जुटाई गई रकम का बड़ा हिस्सा कंपनी के मौजूदा कर्ज को कम करने के लिए इस्तेमाल किए जाने की योजना है।
क्या निवेशकों को जियो IPO से मुनाफा होगा?
आईपीओ का तेजी से सब्सक्राइब होना निवेशकों की दिलचस्पी दिखाता है, लेकिन इससे लिस्टिंग पर मुनाफा तय नहीं होता। निवेश से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, कारोबार की संभावनाओं, वैल्यूएशन, बाजार के जोखिम और अपने निवेश लक्ष्य को ध्यान में रखना जरूरी है।
रिटेल निवेशकों को यह भी देखना चाहिए कि अलग-अलग श्रेणियों में सब्सक्रिप्शन किस स्तर पर पहुंचता है और आईपीओ बंद होने तक मांग में क्या बदलाव आता है। अंतिम सब्सक्रिप्शन आंकड़े शुरुआती आंकड़ों से अलग हो सकते हैं।
निष्कर्ष: जियो प्लेटफॉर्म्स के ₹30,213 करोड़ के आईपीओ ने शुरुआती सब्सक्रिप्शन की रफ्तार के कारण बाजार का ध्यान खींचा। Hyundai Motor India, Bajaj Housing Finance और LG Electronics India जैसे बड़े इश्यू से तुलना के बीच अब निवेशकों की नजर आईपीओ के अंतिम सब्सक्रिप्शन और शेयर की लिस्टिंग पर रहेगी।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल समाचार और जानकारी के उद्देश्य से है। इसे निवेश सलाह न मानें। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है।


